॥ सुबोधिनी_हिंदी_२/१०/२ ॥
श्रीवल्लभाचार्य विद्यापीठ, हालोल — नित्य पुष्टिस्वाध्याय
यह सत्र श्रीमद्भागवत सुबोधिनी ग्रंथ के द्वितीय स्कंध, दसवें अध्याय के द्वितीय श्लोक पर केंद्रित है। वक्ता इस श्लोक के माध्यम से श्रीमद्भागवत में वर्णित दस पदार्थों – सर्ग, विसर्ग, स्थान, पोषण, ऊति, मन्वंतर, ईशानुकथा, निरोध, मुक्ति और आश्रय – की गहन व्याख्या कर रहे हैं। विशेषतः, आश्रय को परम लक्ष्य और अन्य नौ को उसके लक्षण के रूप में समझाकर, शास्त्र में अनेक प्रतिपाद्य विषयों की शंका का समाधान किया गया है।